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मंगलवार, 8 फ़रवरी 2011

जब कोई टिप्पणी आती है



जब कोई टिप्पणी आती है ,जब कोई अनुसरण करता है 
अद्भुत सी खुशी मिल जाती है,अंजाना अपना सा लगाता है

जब ना मिला कोई अपना जो ,सुन लेता आप बीती मेरी
तब लिख डाली मन की बातें, ब्लाग के कोरे पन्नो पर ।
कुछ अंजाने लोगों ने , दिल से पढी लिखी बात मेरी
बाँट लिये सब दर्द मेरे , अपनी टिप्पणियां दे देकर ॥
मेरी तकलीफों को थोडा सा सुकून तब तब मिलता है
जब कोई टिप्पणी आती है ,जब कोई अनुसरण करता है

टूट रही थी जब मै , बिखर रहा था अस्तित्व मेरा
बस यही ख्याल आता था,छोड दूँ मै दुनिया ये ।
जाने किसका करिश्मा था, या अच्छा था मुकद्दर मेरा
जाने कैसे अचानक ही  , आ पहुँची ब्लाग की दुनिया मे  ॥
मेरे मन का विश्वास और हौसला ,थोडा बढ सा जाता है  
जब कोई टिप्पणी आती है ,जब कोई अनुसरण करता है

कुछ करने की चाहत अब दिन प्रतिदिन बढती जाती है
कुछ लिखने को व्याकुल , मन ये प्रतिपल रहता है  ।
छोटी सी आवाज को मेरी ,नयी ऊर्जा मिल जाती है
जब जब चर्चा मंच मेरी कृति की सराहना करता है ॥
मेरे मन के विचारों को तब नया आयाम मिलता है
जब कोई टिप्पणी आती है ,जब कोई अनुसरण करता है

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