त्योहार मनाओ पूरे दिल से ,
ना कि परम्परा निभाने को ।
गले मिलो मिलने की खातिर,
ना कि बस रस्म निभाने को ॥
रंग बिरंगी होली आयी ,
कुछ उम्मीदें दिल मे लिये।
गुलाल कहे कर गाल गुलाबी ,
क्यों अरमा बस दिल में खिले ॥
“पलाश” से चुनो तुम रंग सच्चे ,
ना कि कच्चे रंग बस लगाने को ।
गले मिलो मिलने की खातिर………………..
पी लो भंग आज थोडी सी ,
प्रीत का नशा चढाने को ।
बना के टोली घूमो घर घर ,
प्रेम संदेश फैलाने को ॥
फाग के राग सुनाओ नभ को ,
ना कि शोर बस हुडदंग मचाने को ।
गले मिलो मिलने की खातिर………………..
आप सभी को होली की ढेर सारी शुभकामनायें
