कुछ पन्ने जिन्दगी के, आज पलटने हैं मुझे
बीते तन्हा कल में भी , तुम्हे, लिखना है मुझे
बीते तन्हा कल में भी , तुम्हे, लिखना है मुझे
रुकूंगी उन मोडों पर, जहाँ दर्द से तडपे थे
हर जख्म का मरहम, तुम्हे, लिखना है मुझे
कुछ पन्ने जिन्दगी के, आज पलटने हैं मुझे
जवां पलों को सैर, बचपन की मै कराऊंगी
साथी अल्हडपन का, तुम्हे, लिखना है मुझे
कुछ पन्ने जिन्दगी के, आज पलटने हैं मुझे
गुजरी गलियों को, सितारों से सजाऊंगी
ख्वाबों का शंहशाह, तुम्हे, लिखना है मुझे
कुछ पन्ने जिन्दगी के, आज पलटने हैं मुझे
चलोगे न तुम मेरे साथ, मेरे बीते लम्हों में
हर आस हर सांस में, तुम्हे, लिखना है मुझे
कुछ पन्ने जिन्दगी के, आज पलटने हैं मुझे
कुछ पन्ने जिन्दगी के, आज पलटने हैं मुझे
बीते तन्हा कल में भी, तुम्हे, लिखना है मुझे
बीते तन्हा कल में भी, तुम्हे, लिखना है मुझे
