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बुधवार, 28 मार्च 2012

दिल से निकली कुछ बाते, जो पन्ने में लिखीं तो गजल बन गयी


शमा कहती नही, खामोश रहकर, मिटती रहती है,
पिघलती मोम ही, उसके, जख्मों की कहानी है ॥

भले मिटना ही है उसके, हाथों की लकीरों में,
मगर सच ये भी कि वो ही, उजालों की निशानी है॥

मोहबब्त में, खुशी की ख्वाइशें, हर कोई रखता है,
मगर ये इश्क का दरिया, तो दर्दों की सुनामी है॥

नही होती मोहब्ब्त सिर्फ, वादों या इरादों से,
बजार- ए - इश्क में कीमत, तो इसकी भी चुकानी है॥

नही होता कोई अब तो दीवाना, मजनूं के जैसा,
मोहब्बत अब नही दिल की, दिमागों की जुबानी है ॥

जमाने में सभी यूँ तो, है दावा प्रेम, का करते,
कई सरकारी वादों से, किसी दिन टूट जानी है ॥

वही बचता है जो, बेखौफ हो, डुबकी लगाता है,
जो बच बच के, उतरता है, खत्म उसकी जवानी है॥

शुक्रवार, 23 मार्च 2012

माँ- A Life of a Child


तुम ईश्वर की श्रेष्ठतम कृति

तुम ही तो धरती का वरदान

जो कुछ मुझमें , है वो सब तेरा

ये सौभाग्य मेरा हम तेरी सन्तान..................

तुम अतुलनीय, तुम वन्दनीय

तुम आधार मेरा, तुम ही मंजिल

तुम अनुकरणीय, तुम देवतुल्य

बसती तुझमें ममता की खान

ये सौभाग्य मेरा,.............................

सूरत में तेरी, दिखते हैं प्रभू

तुम प्रथम मित्र तुम प्रथम गुरु

जग से भला कहाँ पा सकते थे

पाया है तुमसे जो अतुलित ज्ञान

ये सौभाग्य मेरा........................

तुम लेन देन से हो परे

तुम मेरी सोच में हो शामिल

हम अंश तेरे, तुम मेरी आत्मा

हम छाया तेरी तुम मेरा अभिमान

ये सौभाग्य मेरा......................

शुक्रवार, 16 मार्च 2012

वो नजर................


उनकी शोख मस्त नजर में ना जाने क्या बात थी,

देखा जबसे, उस पल से दिल मुझसे बेगाना हो गया ॥

वो रूक रूक के चले जब, हौले से छनका के पायल,

घायल दिल वही उनके इन्तजार में दीवाना हो गया ॥

इक नाम ही बस जाना है, जिस पल से हमने उनका,

सारी दुनिया से क्या, खुद से ही मै अन्जाना हो गया ॥

भीगी भीगी सी जुल्फे बिखेरे, वो जो निकले सरे बाजार,

कहा कुछ ना उनसे पर, दुश्मन ये जमाना हो गया ॥

उनको नही खबर, मेरे बीमार -ए -दिल के हाल की,

और हर एक जुबां पे आम, मेरा अफसाना हो गया ॥

सोमवार, 13 फ़रवरी 2012

क्या है ये प्यार?????????


प्यार - एक ऐसा शब्द जो मात्र शब्द नही- शक्ति है , जीवन का आधार है , एक ऐसी पूँजी है जिसे पाने के लिये हम खुशी खुशी अपना सब कुछ लुटा सकते हैं । प्यार एक ऐसा शब्द जिसकी हर किसी के लिये अपनी एक अलग परिभाषा है , हर किसी के लिये इसके अलग- अलग मायने है , हर किसी का अपना अपना तरीका है महसूस करने का, हर किसी का अपना अपना अंदाज है इसे बयां करने का मगर फिर भी एक बात जिसे सभी मानते है, प्यार त्याग है , प्यार विश्वास है प्यार सच है ।

प्यार जिसकी कमी जीवन को वीरान और उपस्थिति बहार बना देती है। प्यार जो कि कम या ज्यादा नही होता, प्यार सच्चा या झूठा नही होता , प्यार खोने या पाने का नाम नही होता, प्यार सिर्फ किया जाता है ।

प्यार जो विश्वास से शुरु होता है , विश्वास के साथ ही बढ्ता है , अक्सर विश्वास टूटते ही खत्म भी हो जाता है , हम अक्सर प्यार को जरूरत समझ बैठते है , जिसे हर कीमत पर पूरा ही करना चहते हैं, और यदि किसी कारणवश यह पूरा ना हो हो हम प्यार को अगले ही पल धोखे का नाम दे डालते हैं, हमारा दिश्वास एक ही पल में दम तोड देता हैं । उस पल हम सामने वाले की विवशताओं को समझने की थोडी सी भी कोशिश नही करते। जरा सोचिये यदि यही काम राधा ने किया होता, कृष्ण जी को धोखेबाज कह दिया होता तो क्या आज राधा युगों बाद भी वंदनीया होती? क्या आज भी लोग हीर रांझा को याद करते? क्या आज भी लोग प्यार के लिये शीरी फरियाद का उदाहरण देते ? क्या रोमियो जूलियट का नाम आज तक प्यार के इतिहास में दर्ज होता?

प्यार का मतलब अपनी नही अपने साथी की खुशी है,इस विश्वास के साथ की वह भी हमारे लिये ऐसा ही सोचता है .......................

यही सोच है मेरी प्यार के प्रति, आप क्या सोचते हैं क्या समझते है? जरूर बताइयेगा...

आप सभी का जीवन प्यार से परिपूर्ण रहे , प्रेम पर्व पर यही मेरी शुभकामना है............

युग बदले मौसम बदले,
बदले जीने के रंग ढंग ।
बदला नही गर कुछ जहाँ में,
तो नही बदले प्यार के रंग ।
वक्त बदले हालात बदले,
बदलते रहे जमाने के चलन ।
बदल नही सका जो जहाँ में,
नही बदला प्यार का चलन ।
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