नही कोई हिचकचाहट
नही कोई शमिन्दगी
नही झुकती मेरी निगाहें
कहने से, मै बेदाग नही
कुछ दाग दिख जायेगें
हर एक नजर को
कुछ दाग बतायेगें
मेरी कमजोरियों को
कुछ दाग हैं ऐसे भी
जो दिखते ही नही
कुछ दाग हैं ऐसे भी
जो मिटते भी नही
कई दाग मेरे लिये
है जीने का हौसला
कई दाग मेरे लिये
हैं संघर्ष का फैसला
हर दाग समेटे है
खुद में एक कहानी
हर दाग किसी याद की
मीठी कडवी निशानी
बचपन के गलियारों में
कुछ दाग मुझे ले जाते
कुछ दाग मगर ऐसे भी
जो दर्द हरा कर जाते
इन दागों को अब मुझे
जीवन का अंग बनाना है
कलंक का ये चिन्ह नही
लोगो को समझाना है
सौन्दर्य को नये सिरे से
करना है मुझको परिभाषत
बेकसूर दाग भी तो
सुन्दरता में हों सहभागित
