पा लिया है जबसे तुम्हे,
लगता ये जहान मेरा है ।पलकों तले नजरों में,
छिपाया तेरा चेहरा है ...........बुरी नही लगती मुझे,
अब तो काली राते भीं,महसूस ये होता कि,
तेरी जुल्फों ने आ घेरा है ।पा लिया है......
रंग सारे सतरंगी
मौसम हर बसंती लगे
जबसे तेरी बांहों का
मुझको मिला घेरा है
पा लिया....
आरजू नही दिल को,
अब तो कुछ भी पाने की,जबसे मेरे, दिल का तेरे,
हुआ दिल मे बसेरा है।पा लिया है......
तुमसे ना जुदा होना,
मंजिल तेरी, ही है मेरी,तुमसे ना जुदा होना,
जहाँ तुझे कोई, दर्द मिले,
वो रस्ता नही मेरा है।पा लिया है.......