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शनिवार, 17 अगस्त 2013

एक बार ..............ONCE


एक बार खता मैने भी की,
दिल किसी से लगाने की,
एक बार गुनाह हुआ हमसे
दिल किसी का चुराने का,

एक बार तमन्ना कर बैठी,
प्यार किसी का पाने की,
एक बार हुआ जी मेरा
इश्क की हद से गुजर जाने का

एक बार दिखा है मुझको भी
चांद दिन के उजालों में
एक बार आया मेरे घर भी
मौसम भीनी मोहब्बत का

एक बार नही दो बार नही
बस तो हर पल एक आलम है
याद आता है बस अब वो सब

जो एक बार हुआ, एक बार हुआ
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