प्रशंसक

गुरुवार, 3 अक्तूबर 2013

अनन्त सफर- A Endless Journey


मोहब्बत का दावा वो करते रहे

करता कतरा वो हमको छलते रहे ।

हंसी होठों से जाती रही धीरे धीरे

बंजर दिल पे जख्म आँसू बन बरसते रहे ।

सच्ची चाहत को दिल ये तरसता रहा

यूँ तो हर मोड पे दिलजले मिलते रहे ।

रफ्ता रफ्ता ये वक्त यूँ ही गुजरता रहा

हम जिन्दगी भर जिन्दगी को ढूँढते रहे ।

दो घडी वो रूक जाते हमारे लिये

ऐसा अरमान बस दिल मे पलते रहे ।

ना रूके वो कभी और ना लम्हे रुके

हम ही बस बेबजह यूँ ही चलते रहे ।

5 टिप्‍पणियां:

  1. इस टिप्पणी को एक ब्लॉग व्यवस्थापक द्वारा हटा दिया गया है.

    जवाब देंहटाएं
  2. दो घडी वो रूक जाते हमारे लिये
    ऐसा अरमान बस दिल मे पलते रहे ...
    कई बार खुद ही तेज चलना होता है .... कोई किसी के लिए नहीं रुकता ...
    गज़ब के शेरों से सजी लाजवाब गज़ल ...

    जवाब देंहटाएं

आपकी राय , आपके विचार अनमोल हैं
और लेखन को सुधारने के लिये आवश्यक

GreenEarth