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शुक्रवार, 23 मार्च 2012

माँ- A Life of a Child


तुम ईश्वर की श्रेष्ठतम कृति

तुम ही तो धरती का वरदान

जो कुछ मुझमें , है वो सब तेरा

ये सौभाग्य मेरा हम तेरी सन्तान..................

तुम अतुलनीय, तुम वन्दनीय

तुम आधार मेरा, तुम ही मंजिल

तुम अनुकरणीय, तुम देवतुल्य

बसती तुझमें ममता की खान

ये सौभाग्य मेरा,.............................

सूरत में तेरी, दिखते हैं प्रभू

तुम प्रथम मित्र तुम प्रथम गुरु

जग से भला कहाँ पा सकते थे

पाया है तुमसे जो अतुलित ज्ञान

ये सौभाग्य मेरा........................

तुम लेन देन से हो परे

तुम मेरी सोच में हो शामिल

हम अंश तेरे, तुम मेरी आत्मा

हम छाया तेरी तुम मेरा अभिमान

ये सौभाग्य मेरा......................

17 टिप्‍पणियां:

  1. जननी को समर्पित अति भावप्रबल पंक्तियाँ बाल्यकाल से अब तक ममता की मूर्ती माँ की याद दिला गई . बहुत सुँदर अपर्णा .

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  2. माँ का प्रेम अतुलनीय है...बहुत सुंदर प्रस्तुति...

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  3. bahut sundar and satya..
    maja aa gaya..
    aaj hee apni mummy ko sunaunga..

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  4. बहुत अच्छी प्रस्तुति!
    इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार के चर्चा मंच पर भी होगी!
    सूचनार्थ!
    नवरात्रों की हार्दिक शुभकामनाएँ!

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    1. आप्को भी नववर्ष की हार्दिक शुभकामनायें

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  5. बेशक ,
    इनसे बड़ा इस संसार में सम्मान का अधिकारी कोई नहीं...
    अगर पूजा अर्पित करनी है तो पहली पूजा माँ को ...

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  6. माँ मूरतिया नेह की, ममता अपरम्पार|
    माँ सृष्टि की बीज है, माँ जीवन आधार||

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