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मंगलवार, 10 फ़रवरी 2015

पल भर में........


तुम मुझमें थे, हम तुझमें थे,
ये वक्त के धारे, अपने थे,
पल भर में बदला, जाने क्या
हम हम ना रहे, तुम तुम ना रहे..........

रौशन था जहाँ, पर चाँद ना था,
अम्बर के तारे, जमीं पर थे
पल भर में बदला, जाने क्या
तुम किससे कहो, हम किससे कहे........

तेरी धडकन में, हम जीते थे
मेरी सांसों में, तुम महके थे
पल भर में बदला, जाने क्या
तुम जी ना सके, हम मर ना सके.........

पलकें थी मेरी, खुशियां थी तेरी
नींदों में तेरी , मेरे सपने थे
पल भर में बदला, जाने क्या
तुम सो ना सके, हम रो ना सके...........

दुनियां की नजर में, एक थे हम
मै आधी थी, तुम पूरक थे
पल भर में बदला, जाने क्या
तुम एक हुये, हम एक हुये.............

6 टिप्‍पणियां:

  1. तेरी धडकन में, हम जीते थे
    मेरी सांसों में, तुम महके थे
    पल भर में बदला, जाने क्या
    तुम जी ना सके, हम मर ना सके.......
    सुन्दर शब्द अपर्णा जी

    उत्तर देंहटाएं
  2. आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 12-02-2015 को चर्चा मंच पर चर्चा -1887 में दिया जाएगा
    धन्यवाद

    उत्तर देंहटाएं
  3. सच कहूँ तो केवल कुछ ही गीत कंठ में उतारते हैं
    यह गीत उनमे से एक है। बहुत सुन्दर।

    उत्तर देंहटाएं

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