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शनिवार, 27 अगस्त 2011

आखिर क्यों हो रही है कसमकसाहट ???




क्यों पनप रही है मन में ये कडवाहट ,
क्यों अब भली लगती नही तेरी मुस्कराहट।
कल तक तेरे जिस अंदाज पे मिटते थे हम
क्यों झलकने लगी उसमें थोडी बनावट ॥

बन्द आँखों से भरोसा किया था कभी

ले गये तुम हमे चाहे किसी भी जगह ।

बात कुछ भी हो , मानी थी हमने सदा,

ये ना सोचा कभी क्या है इसकी वजह ॥

अब आने लगी तेरी हर बात में

क्यों दिल को मेरे साजिशों की आहट

क्यों अब भली लगती नही तेरी मुस्कराहट...........


जिन बाँहों में आने को मचलता था दिल ,

वो ही अब हमको सृपीली लगने लगी ।

दिन गुजरने का पता ना चलता था कभी,

अब दो घडी भी बोझिल सी होने लगी ॥

जिस बन्धन में बंधने की मांगी थी दुआ

क्यों हो रही है फिर उड जाने की छटपटाहट

क्यों अब भली लगती नही तेरी मुस्कराहट.......

 बसते थे जिन आँखों में हम हर घडी,

मिलता उनमें नही कोई मेरा निशां ।

कल तलक लगता था अपना सारा जहाँ,

धुंधली धुंधली सी है, आज हर इक दिशा ॥

डरते ना थे कभी घने अंधेरों से भी हम

क्यों उजालों से भी आज होने लगी घबराहट

क्यों अब भली लगती नही तेरी मुस्कराहट.......


16 टिप्‍पणियां:

  1. दिन गुजरने का पता ना चलता था कभी,

    अब दो घडी भी बोझिल सी होने लगी ॥

    बहुत से दुखी दिलों के मन की बातों को शब्द दे दिये हैं आपने।

    सादर

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  2. मन में कहीं न कहीं संशय की स्थिति उजागर हो रही है ... अच्छी प्रस्तुति

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  3. सुन्दर भाव , खूबसूरत प्रस्तुति......

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  4. इस रचना में विरोधाभास प्रतीत होता है | संशय की स्थिति लग रही है| अंदाज मगर अलग है| बधाई ........

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  5. आपके इस सुन्दर प्रविष्टि की चर्चा दिनांक 29-08-2011 को सोमवासरीय चर्चा मंच पर भी होगी। सूचनार्थ

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  6. ओह्………मन की छटपटाहट को बखूबी बयान कर दिया होता है ………कभी कभी ऐसा भी।

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  7. पशोपेश में डालती है ये सुन्दर रचना.

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  8. kabhi kabi to lagata hai shayad ye mere andar ki bhawanao ka hi roop hai.... too heart touching lines....

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  9. मन की व्यथा को बहुत ही सुन्दरता से अभिवयक्त किया है...

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  10. उदास पलों में भी ज़िंदगी का एक रंग होता है.
    खूबसूरत अभिव्यक्ति.

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  11. दिल कह रहा है जिस रस्ते चल रहे हो बस चलते रहो पर शायद दिमाग उसे गलत मान रहा है. मन के भावों को दर्शाती सुन्दर रचना.

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  12. एक साथ कई भावों को संजोये बहुत ही सुंदर रचना...........लेखनी की उत्कृष्टता को बयान करती बहुत ही सुंदर भावाभिव्यक्ति..

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  13. जब दिल टूटता है तो यही हाल होता है
    अपनों के दर्द में दिल बेहाल होता है।

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