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शनिवार, 4 दिसंबर 2010

एक अधूरा खवाब












एक अधूरा खवाब है मेरा ,
पूरा कर दो तुम कर ।
आँचल मेरा खाली कबसे ,
खुशियाँ भर दो तुम कर......

सावन की बरखा में भी,
ये मन प्यासा प्यासा था ।
इस अत्रप्त सी आत्मा की,
प्यास बुझा दो तुम कर…....

जाने कब से पता नही मै ,
तुझमे ख़ुद को खोज रही ।
एक बार ख़ुद से मुझको ,
मिलवा दो बस तुम कर.......

अगर कही हदय में तेरे ,
स्थान नही है मेरी खातिर ।
माथे पर मै सज़ा जिसे लूँ ,
पग धूल ही दे दो तुम कर ….....

सब कुछ पाया है तुझमे ही ,
फिर क्या चाँहू में ईश्वर से ।
क्या मांगूं मै अपने रब से ,
इतना बतला दो तुम कर...........

35 टिप्‍पणियां:

  1. अगर कही हदय में तेरे
    स्थान नही है मेरी खातिर
    माथे पर मै सज़ा जिसे लूँ
    पग धूल ही दे दो तुम आ कर ….....
    mann ko chhuti rachna

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  2. बहत ही सुंदर कविता.... दिल को छू गयी....

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  3. सुंदर और प्रवाहपूर्ण गीत। बहुत अच्छा लगा इसे गा कर।

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  4. Bahut hi marmik aur sargarbhit kavita. Dil ko chhu gai. PLz. visit my new post.

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  5. अगर कही हदय में तेरे ,
    स्थान नही है मेरी खातिर ।
    माथे पर मै सज़ा जिसे लूँ ,
    पग धूल ही दे दो तुम आ कर ….....

    वाह बहुत खूब....


    पहचान कौन चित्र पहेली ...

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  6. बहुत सुन्दर छंदमय और भावपूर्ण कविता !

    उत्तर देंहटाएं
  7. अगर कही हदय में तेरे ,
    स्थान नही है मेरी खातिर ।
    माथे पर मै सज़ा जिसे लूँ ,
    पग धूल ही दे दो तुम आ कर ….....
    बहुत सुंदर भावपूर्ण रचना ..........

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  8. सब कुछ पाया है तुझमे ही ,
    फिर क्या चाँहू में ईश्वर से ।
    क्या मांगूं मै अपने रब से ,
    इतना बतला दो तुम आ कर...........
    बहुत ही भावमयी और प्रवाहमयी प्रस्तुति।

    उत्तर देंहटाएं
  9. बहुत ही अच्छा विरह गीत. सुंदर चित्र के साथ सुंदर प्रस्तुति.

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  10. सुन्दर भाव से भरा हुआ काव्य है|मेरी शुभकामनाये..

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  11. बहुत ही सुंदर प्रस्तुति......अपर्णा जी

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  12. बहुत सुन्दर

    आपकी कामनाये जरुर पूरी होंगी !

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  13. मन के कोमल भावों की सुन्दर अभिव्यक्ति

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  14. बहुत ही सुन्दर कविता
    विरह वेदना ह्रदय स्पर्शी है .
    ऐसा इंतजार तो हर किसी को किसी न किसी का होता ही है कुछ ही सौभाग्यशाली होते है

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  15. बहुत सुन्दर रचना .......

    जाने कब से पता नही मै ,
    तुझमे ख़ुद को खोज रही ।
    एक बार ख़ुद से मुझको ,
    मिलवा दो बस तुम आ कर.....

    बहुत खूब ....

    उत्तर देंहटाएं
  16. अति सुन्दर...शुभकामनाएँ.

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  17. beautiful and soulful poem. u provide beautiful words to ur feelings in such a way that reading them gives immense pleasure.

    Sorry for comment in english , as there was something wrong with google hindi transliteration.

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  18. निर्मल भावों से सजी सुंदर लय बध्ह रचना.

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  19. अपर्णा जी आप की समझ की प्रणाम
    आप ने बहुत जल्द ही जमाल जी को पहचान लिया , ये बाते मीठी करते है पर उद्देश्य हमेशा संदिग्ध रहते है .
    इन की पोल मैं पहले ही खुल चुका हू जब ये कुप्रचार कर रहे थे और जवाब मांग रहे थे .इन की ये पोस्ट देखे और टिप्पड़िया भी देखे
    http://vedquran.blogspot.com/2010/09/life-style-of-sri-krishna-anwer-jamal.html

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  20. इस अत्रप्त सी आत्मा की,
    प्यास बुझा दो तुम आ कर…
    xxxxxxxxxxxxxx
    बहुत गहराई से महसूस किया है आपने इस भाव को ...बहुत खूब ..अपर्णा जी ...शुक्रिया

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  21. जाने कब से पता नही मै ,
    तुझमे ख़ुद को खोज रही ।
    एक बार ख़ुद से मुझको ,
    मिलवा दो बस तुम आ कर...

    वाह .. क्या ख्याल है ... तुझमें खुद को ढूंढना ... बहुत ही गहरी बात है रचना में ...

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  22. ये इन्तेज़ार तो चलते रहता है...

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  23. bahut sundar kavita ,.... prem ke bhaav bhare hue hai .... bahut hi acchi abhivyakti ...

    badhayi

    vijay
    poemsofvijay.blogspot.com

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  24. क्या कहूँ जब समर्पित भाव है

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  25. bhagwaan aapki manokaamna jaldi poori karen aisi meri kaamna hai

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  26. गहरे और सुन्दर भावों से सजी सुन्दर रचना
    अच्छा लगा पढ़कर
    आभार & शुभ कामनाएं



    क्रिएटिव मंच के नए कार्यक्रम 'सी.एम.ऑडियो क्विज़' में आपका स्वागत है.
    यह आयोजन कल रविवार, 12 दिसंबर, प्रातः 10 बजे से शुरू हो रहा है .
    आप का सहयोग हमारा उत्साह वर्धन करेगा.
    धन्यवाद

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  27. * अत्रप्त > की जगह अतृप्त होगा , शायद !

    भले ही प्रेम कविता हो , उसमें स्त्री का स्वतंत्र व्यक्तित्व ( परम्पराप्रदत्त समर्पणों से इतर ) आना चाहिए . उम्मीद है आप इस ओर ध्यान देंगी . लय साधना आपका सकारात्मक पक्ष है , इसके लिए बधाई ! शुभकामनाएं !

    उत्तर देंहटाएं

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